पतंग क्यों उड़ाते है? Why do Kites fly?
भारत देश मे पतंग उड़ाने का कनेक्शन धार्मिक परंपरा और श्रद्धा से जुड़ा हुआ है जैसे की...
हिन्दू धर्म के तमिल की तन्दनानरामायण में उल्लेख अनुसार प्रभु श्री राम ने पहली बार पतंग उड़ायी थी, जो इंद्रलोक तक पहुँची तब से लेकर अब तक त्योहारों पर पतंग उड़ाने का प्रचलन चलता आया है।
हिन्दू धर्म मे और एक मान्यता ऐसी भी है की अगर कोई मनोकामना पतंग पर लिख कर उड़ाते है तो वह ईश्वर तक पहुँचती है और भगवान उसे ज़रूर पुरा करते है। इसके अतिरिक्त वैज्ञानिक कारण और फायदे भी है जो हम आगे देखेंगे।
पतंग का दिन कब है?-When is Kite day?
पतंग उड़ाने के लिए भारत में दो दिन बहुत ही शुभ मुहुर्त माने जा ते है उस में से पहला है, सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करने का दिन।
विज्ञान अनुसार पृथ्वी के मकर रेखा पर सूर्य की किरणें बरसती है और तब से दिन बड़ा और रात छोटी होने लगती है। यानी गर्मी के मौसम की शुरूआत होती है। यह दिन अक्सर 14 या 15 जनवरी को होता है। ज्योतिष अनुसार सूर्य मकर राशि में संक्रमण ( प्रवेश) करता है। इसलिए उस दिन को मकर संक्राति कहते है। मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने का प्रचलन बहुत ही पुराना और आनंददायी है।
पतंग उड़ाने का दूसरा मुहर्त बसंत पंचमी को आता है जो फरवरी में आती है। इस दिन बच्चे बुढे हर आयु के लोग पुरी मस्ती के साथ झुमते हुए घरों की छतों पर या किसी मैदान मे Kite flying का आनंद उठाते है। इस दिन ऊँचा उड़ाने की या फिर पतंग काटने की शर्तें लगाई जाती है।
इसके अतिरिक्त पंधरा अगस्त, तीज और रक्षाबंधन के शुभ मौके पर भी देश मे पतंगे उड़ाई जाती है।
पतंग कैसे उड़ाए तरीका विधि - Kite flying method
जैसे हम सायकल चलने का अभ्यास करते है, पानी में तैरने का अभ्यास करते...
हम भी अपने जीवन में वो ही पाते हैं, जो हम दूसरों के देते हैं
एक किसान हमेशा एक बेकरीवाले वाले को एक पौंड मक्खन बेचा करता था। वह किसान हमेशा सुबह के समय उस बेकरी वाले के पास आता और उसे एक पौंड मक्खन दे जाता। एक बार बेकरी वाले ने सोचा कि वह हमेशा उस पर भरोसा करके मक्खन ले लेता है। क्यों न आज मक्खन को तौला जाए?
इससे उसको पता चल सके कि उसे पूरा मक्खन मिल रहा है या नहीं?
जब बेकरीवाले ने मक्खन तौला तो मक्खन का वजन कुछ कम निकला। बेकरीवाले को गुस्सा आया और उसने उस किसान पर केस कर दिया। मामला अदालत तक पहुंच गया। उस किसान को जज के सामने पेश किया गया।
जज ने उस किसान से प्रश्न करना शुरू किया। जज ने पूछा कि वह उस मक्खन को तौलने के लिए बाट का प्रयोग करता है क्या?
किसान ने जवाब दिया “मेरे पास तौलने के लिए बाट तो नहीं है। फिर भी मक्खन तौल लेता हूं”
जज हैरानी से पूछता है “बिना बाट के तुम मक्खन कैसे तौलते हो?
इस जवाब किसान ने दिया कि “वह लम्बे समय से इस बेकरीवाले से एक पौंड ब्रेड का लोफ खरीदता है। हमेशा यह बेकरीवाला उसे देकर जाता है और मैं उतने ही वजन का उसे मक्खन तौल कर दे आता हूं।”
किसान का यह जवाब सुन कर बेकरीवाला हक्का बक्का रह गया।
#Motivational_Story_in_Hindi_for_Students
क्या आप व्यापार शुरू करना चाहते है ? मन में सवाल व्यापार का अनुभव नहीं है ! शुरुआत कैसे करें?
Network Marketing या Direct Selling दुनिया का एकमात्र ऐसा व्यवसाय है जहां पर आप सभी को किसी भी तरीके का अनुभव की मांग नहीं की जाती है (No Experience Required) । आप बिल्कुल नए हैं, आपको किसी चीज के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है फिर भी आप इस काम को कर सकते हैं और इसमें अपने सारे सपने को भी पूरा कर सकते हैं ।
यदि आप कोई और व्यवसाय करना चाहते हैं या कहीं जॉब करना चाहते हैं तो आप सभी के पास उस काम से जुड़ी अनुभव होना चाहिए । जब आप कहीं पर जॉब करने के लिए इंटरव्यू देने जाते हैं तो आप सभी से वहां पर एक सवाल जरूर पूछा जाता है कि आपके पास इस काम को करने का कितना अनुभव है ।
लेकिन Network Marketing या Direct Selling व्यवसाय में आप सभी को किसी भी तरीके का अनुभव का होना कोई जरूरी नहीं है । आप इस व्यवसाय को बिना अनुभव के साथ में कर सकते हैं ।
आप अधिक जानकारी के लिए जुड़े टीम श्री राम शर्मा (shree ram sharma sir) 9589867990
डरो मत, खुद पर भरोसा रखो! स्वामी विवेकानंद प्रेरक प्रसंग
स्वामी विवेकानंद बचपन से ही निडर थे , जब वह लगभग 8 साल के थे तभी से अपने एक मित्र के यहाँ खेलने जाया करते थे , उस मित्र के घर में एक चम्पक पेड़ लगा हुआ था . वह स्वामी जी का पसंदीदा पेड़ था और उन्हें उसपर लटक कर खेलना बहुत प्रिय था .
रोज की तरह एक दिन वह उसी पेड़ को पकड़ कर झूल रहे थे की तभी मित्र के दादा जी उनके पास पहुंचे , उन्हें डर था कि कहीं स्वामी जी उसपर से गिर न जाए या कहीं पेड़ की डाल ही ना टूट जाए , इसलिए उन्होंने स्वामी जी को समझाते हुआ कहा , “ नरेन्द्र ( स्वामी जी का नाम ) , तुम इस पेड़ से दूर रहो , अब दुबारा इसपर मत चढना ”
“क्यों ?” , नरेन्द्र ने पूछा .
“ क्योंकि इस पेड़ पर एक ब्रह्म्दैत्य रहता है , वो रात में सफ़ेद कपडे पहने घूमता है , और देखने में बड़ा ही भयानक है .” उत्तर आया .
नरेन्द्र को ये सब सुनकर थोडा अचरज हुआ , उसने दादा जी से दैत्य के बारे में और भी कुछ बताने का आग्रह किया .
दादा जी बोले ,” वह पेड़ पर चढ़ने वाले लोगों की गर्दन तोड़ देता है .”
नरेन्द्र ने ये सब ध्यान से सुना और बिना कुछ कहे आगे बढ़ गया . दादा जी भी मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए , उन्हें लगा कि बच्चा डर गया है . पर जैसे ही वे कुछ आगे बढे नरेन्द्र पुनः पेड़ पर चढ़ गया और डाल पर झूलने लगा .
यह देख मित्र जोर से चीखा , “ अरे तुमने दादा जी की बात नहीं सुनी , वो दैत्य तुम्हारी गर्दन तोड़ देगा .”
बालक नरेन्द्र जोर से हंसा और बोला , “मित्र डरो मत ! तुम भी कितने भोले हो ! सिर्फ इसलिए कि...
एक सफल लीडर (व्यापारी) में होना चाहिये ये गुण
दुसरे को देखने का सही नजरियां,
नजरिये को प्रस्तुत करने की कला
किसी राज्य में एक राजा था, जिसकी एक टांग और एक आंख नहीं थी. दिव्यांग होने के बावजूद राजा के राज्य में सभी लोग खुशहाल थे. राजा बहुत बुद्धिमान और प्रतापी था.
एक बार राजा को ख्याल आया कि क्यों न खुद की एक तस्वीर बनवाई जाए. फिर क्या था, देश-विदेशों से चित्रकारों को बुलवाया गया. एक से एक बड़े चित्रकार राजा के दरबार में आए. राजा ने उन सभी से निवेदन किया कि वो उसकी एक बहुत सुन्दर तस्वीर बनाए जो राजमहल में लगाई जाएगी.
सारे चित्रकार सोचने लगे कि राजा तो पहले से ही दिव्यांग है, फिर उसकी तस्वीर को बहुत सुन्दर कैसे बनाया जा सकता है. ये तो संभव ही नहीं है. और अगर तस्वीर सुन्दर नहीं बनी तो राजा गुस्सा होकर दंड देगा.
यही सोचकर सारे चित्रकारों ने राजा की तस्वीर बनाने से मना कर दिया. तभी पीछे बैठे एक चित्रकार ने अपना हाथ खड़ा किया और बोला कि “मैं आपकी बहुत सुन्दर तस्वीर बनाऊंगा, आपको जरूर पसंद आएगी.”
राजा की आज्ञा लेकर चित्रकार जल्दी से तस्वीर बनाने में जुट गया. काफी दिनों के बाद उसने एक तस्वीर तैयार की. तस्वीर देखकर राजा बहुत प्रसन्न हुआ और सारे चित्रकारों ने अपने दांतों तले उंगली दबा ली.
उस चित्रकार ने एक ऐसी तस्वीर बनाई जिसमें राजा एक टांग को मोड़कर जमीन पर बैठा है और एक आंख बंद करके अपने शिकार पर निशाना लगा रहा है.
राजा ये देखकर बहुत प्रसन्न हुआ कि उस चित्रकार ने राजा की कमजोरियों को छिपा कर कितनी चतुराई से एक सुन्दर तस्वीर बनाई है. राजा ने उसे बहुत बड़ा इनाम दिया.
दोस्तों दूसरों की कमियों को नजरअंदाज करना और उनकी अच्छाइयों पर ध्यान देंना बहुत मुश्किल काम नहीं है. आजकल लोग एक दूसरे की कमियां बहुत जल्दी ढूंढ लेते हैं, चाहे खुद में कितनी भी बुराइयां हों....
बिज़नेस में नए आइडियाज के साथ, सफलता के लिए जरूरी है ये रूल्स
Rule 1: अपने व्यवसाय के प्रति समर्पित रहिये
Rule 2: Profit को सभी काम करने वालों में बाटिये और उन्हें partner की तरह treat करिए
Rule 3: Motivate your partners. अपने partners को motivate कीजिये
Rule 4: अपने partners को हर संभव चीज communicate कीजिये
Rule 5: Associates business के लिए जो करते हैं उसकी प्रशंसा कीजिये
Rule 6: Celebrate your success. अपनी सफलता को celebrate करिए
Rule 7: अपनी कंपनी में हर किसी को सुनिए और ऐसा उपाय निकालिए कि वो आपस में बात करें
Rule 8: अपने customers को उम्मीद से ज्यादा दीजिये
Rule 9: अपने खर्चों को competition से बेहतर ढंग से control कीजिये
क्या आप सोच सकते हैं कि अपने बचपन में दूध बेचने वाला , घर-घर अखबार फेंकने वाला, और होटल में waiter का काम करने वाला अपने जीवन में क्या बन सकता है???……वो लाखों लोगों को नौकरी पर रख सकता है, किसी industry को पूरी तरह से बदल सकता है, वो दुनिया की सबसे बड़ी company बना सकता है…..और खुद बन सकता है America’s Richest Man. मैं बात कर रहा दुनिया की सबसे बड़ी Retail Company Walmart की स्थापना करने वाले Sam Walton की. सैम वाल्टन (1918-1992) को modern retail का जनक भी कहा जाता है, इन्ही का business model follow करते हुए आज Big Bazaar, More, Reliance Fresh जैसे stores भारत में भी खुल गए हैं. वह 1982 से 1988 तक अमेरिका के सबसे अमीर व्यक्ति थे और आज की तारीख में भी वालमार्ट हमेशा Top 10 companies में रहती है और अरबों dollar का व्यापार करती है.
तो भला आप ही सोचिये अगर इतनी बड़ी उपलब्धियों वाला व्यक्ति आपको business करने के गुण बताये तो बात में दम तो होगा ही.
अपनी बातों को प्रभावपूर्ण तरीके से कहना ही आत्मविश्वास है
नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़ने के बाद आप किसी भी व्यक्ति के सामने अपनी बातों को प्रभावपूर्ण तरीके से कहना सीख जाते हैं। जो हमारे अन्दर आत्मविश्वास पैदा करता है जिससे आप नये या पुराने लोगों के बीच बैठकर आप अपने network system का प्लान बेझिझक बताना सीख जाते हैं। इसी बहाने आप अपने जीवन में अनेक प्रकार के मुद्दों को प्रभावशील तरीके से दूसरों के सामने रखना सीख जाते हैं।
नेटवर्क मार्केटिंग के फायदे
समय की स्वतंत्रता - freedom of time
खुद का व्यवसाय - own business
व्यक्तित्व विकास - personality development
बिना धन के जोखिम का व्यापार
प्रत्यक्ष आय आती है
बड़ी कमाई का मौका उपलब्ध रहता है
कमाई में निरंतरता स्थापित की जा सकती है
दुनिया में ऐसा कौन है जो पैसा कमाना नहीं चाहता है?
पैसा कमाने के लिए कोशिश जरूरी है. इसके लिए जरूरी है कि सबसे पहले आप अपनी कुशलता बढ़ाएं. फिर उस कुशलता का उपयोग कर नौकरी या कारोबार शुरू करें. इसके बाद आप बचत और निवेश की राह पर बढ़ें. श्रीराम शर्मा का भी कहना है सिर्फ पैसे कमाने के लिए सपने देखना काफी नहीं है. इसके लिए आपको सही दिशा में प्रयास करने की जरूरत है.
1. सपने जरूर देखें
सपने देखने का मतलब है इमेजिनेशन. यह आपको कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करता है. जब आप कुछ बड़ा काम करने के सपने देखेंगे तो उसे पूरा करने के लिए जरूरी योग्यता हासिल करने की तरफ बढ़ेंगे. आपको इन सपनों को कैसे पूरा करना है, इस बारे में किसी कुशल व्यक्ति से दिशानिर्देश लेने की भी जरूरत है
2. अपनी कुशलता की पहचान करें
आपको खुद के बारे में यह जानना होगा कि आप कौन सा काम बेहतर तरीके से कर सकते हैं. अपने हुनर का सही इस्तेमाल कर आप मनमाफिक नतीजे पा सकते हैं. अगर आपको लगता है कि आपमें कुशलता है, लेकिन उसे और निखारने की जरूरत है तो आप उससे संबंधित प्रयास कर अपनी कुशलता को विकसित करिये. मसलन आपको लगता है कि आप बढ़िया खाना पका सकते हैं तो अपनी इस कुशलता को निखारने के लिए आप होटल मैनेजमेंट की डिग्री हासिल कर पेशेवर सेफ बनने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं. यह ध्यान रखें कि जीवन में सफलता और पैसा कमाने के लिए दिमाग का सही दिशा में इस्तेमाल करना जरूरी है.
3. कड़ी मेहनत का विकल्प नहीं
आज आप जिस व्यक्ति को अपना आदर्श मानते हों या जिसके जैसा बनना चाहते हैं, उसके संघर्ष की कहानी पढ़िये. पैसे और शोहरत कमाने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. मशहूर निवेशक वारेन बफे हों या अमेजन के मालिक बेजोस या रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी, सपने...
झूठी बदनामी के डर से सच्चाई को कभी नहीं छुपाना चाहिए
एक चतुर व्यापारी की प्रेरक कहानी
चतुर सुरमें का व्यापारी
बड़ी सी झील के पास एक छोटा सा खुबसुरत गाँव था, इसके पास में ही एक बड़ा सा शहर भी था, गाँव के लोग शहर में जा कर व्यापार किया करते थे, इसी से उनका गुजरबसर होता था. शहर में कई अमीर-अमीर व्यापारी रहते थे, जो पीढ़ी दर पीढ़ी इसी धंधे में हैं. वहीं गाँव में भी यही हाल है, लोग यहाँ अपने पूर्वजों के व्यापार करते हैं.
उसी गाँव में एक रामू नाम का एक कोयले का व्यापारी रहता था, वो शहर में कोयला बेचा करता था, उसका एक लड़का था, जिसका नाम रवि था, जो बहुत ही चालाक था. लेकिन उसकी चालाकी उसके बाप के सामने नही चलती थी. रवि इतना ज्यादा चालाक था कि पीतल को सोना बना कर भी बेच दें. और तो और मिटटी को भी सोने के दाम में बेच दे. रवि का कहना था कि जिन्दगी भर कमाने से अच्छा है कि एक बार ही कमा लो. रामू अपनी बेटे की ऐसी हरकतों से बेहद परेशान रहता. रवि अपने बाप की बात मानता था, लेकिन अपनी आदत से मजबूत था.
एक दिन रवि का बाप रामू की बहुत ज्यदा तबियत ख़राब हो गई. रामू ने अपने बेटे रवि को बुलाया और बोला कि कोयले का व्यापार हमारे पूर्वजों का है, इसे आंगे तुमने ही संभालना है, इसे ख़राब मत करना. फिर एक दिन रामू की मृत्यु हो गई. कोयले का सारा काम अब रवि के हांथो पर आ गया था. वो सुबह कोयले की बोरियां शहर लेकर जाता और वहां धुप में घूम घूम कर बेचा करता था. उसे इस काम में बहुत मेहनत लगती थी. एक दिन वो शहर में कोयला बेच रहा था, तभी उसे पता चाल कि शहर में किसी सेठ के घर पर जमीन में गडा हुआ बहुत सारा सोना निकला है,...
तकदीर बदल जाती है जब इरादे मजबूत हों, वरना उम्र गुजर जाती है तकदीर को इल्जाम देते देते
डायमंड बनने के लिये जोश, जूनून और पागलपन बहुत जरुरी है
दोस्तों इस दुनिया में आईडिया तो बहुत है मगर उस आईडिया पर काम करने के लिए जरूरी है जुनून और पागलपन की. ऐसे ही बहुत सारे सक्सेसफुल लोग हैं जिन्होंने अपने आइडिया पर जुनून और पागलपन के साथ काम किया और आज सक्सेसफुल है. जिन्हें हर कोई जानता है ऐसे व्यक्ति इतिहास पढ़ते नहीं इतिहास रचते हैं. आज कुछ ऐसे व्यक्ति की कहानी के बारे में बताऊंगा जिन्होंने अपने आइडिया पर काम किया और आज वह सक्सेसफुल व्यक्ति हैं.
यह कहानी है उस कम पढ़े लिखे व्यक्ति की जिन्होंने एक इलेक्ट्रॉनिक कंपनी में काम किया करते थे और काम के दौरान खाली समय में उन्होंने अपने आइडिया से एक सर्किट बनाया, और उस सर्किट को अपने मालिक को दिखाते हुए कहा, कि यह सर्किट पुराने सर्किट से काफी अच्छी है. आप इन्हें बनाकर मार्केट में दे सकते हैं. उनके मालिक ने मना कर दिया यह कह कर कि आप बेकार हैं फालतू में तुम बात करते हो ऐसा काम मत किया करो. उन्हें अपने सर्किट पर पूरा भरोसा था उन्हें मालूम था मैं जो सर्किट बनाया है वह सबसे अच्छा है.
वह ठान लेते हैं कि मैं इस सर्किट को खुद बनाऊंगा और मार्केट में बेचूंगा उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और जमा पूंजी रकम से ही घर में ही एक छोटी सी फैक्ट्री बना ली. खुद ही बनाकर बेचने लगे. जगह-जगह जाकर थक गए, लेकिन उन्हें कुछ अच्छा ऑर्डर नहीं मिलता था. छोटे-छोटे ऑर्डर ही मिलते थे.
जिसमें उन्हें अपना खर्चा निकालना कठिन हो गया. यहां तक कि घर चलाने के लिए भी उन्होंने अपना घर का सारा सामान गिरवी रखना पड़ा. उनके दोस्त रिश्तेदार पागल कहने लगे और हंसने लगे यह कह कर. की इतना अच्छा नौकरी छोड़ कर बेकार के कामों में पड़ गया है लेकिन फिर भी वह...
अपने काम को खुद नहीं समझें महत्वहीन
मुकेश दफ्तर में नये हैं, पहले वह दूसरे संस्थान में काम करते थे।
अपना काम तल्लीनता से करते हैं. लेकिन चेहरा बताता है कि मुकेश अपने काम से खुश नहीं हैं।
एक दिन इस बारे में पूछने पर उन्होंने कहा - जब काम में मन नहीं लगे, तो चेहरा उदास हो ही जाता है। काम में मन क्यों नहीं लग रहा है ?
यह पूछने पर उन्होंने कहा - अरे यह भी कोई काम है। इसके बाद उन्होंने ढेर सारे तथ्यों के साथ अपने काम को महत्वहीन बताने की कोशिश की।
उन्होंने यह भी कहा कि इस समय जो काम मेरे जिम्मे है, उसके आधार पर दूसरे संस्थान में नौकरी भी नहीं मिलेगी। इस बात को मुकेश के रिपोर्टिंग मैनेजर मिस्टर कुमार को बताया गया। वह सुलझे हुए इंसान हैं।
उन्होंने तरिके से मुकेश को समझाया कि उनका काम कैसे महत्वपूर्ण है। मिस्टर कुमार ने उनसे पूछा - मुकेश पहले अपने काम के बारे में बताइए।
मुकेश ने कहा - मेरा काम यह देखना है कि हमारी कम्पनी के प्रोडक्ट में कहाँ-कहाँ गड़बड़ी है। उसे कैसे दूर किया जा सकता था। आगे ऐसा क्या किया जाये जिससे पुरानी खामियां फिर से सामने नहीं आये।
मुकेश की बात खत्म होते ही मिस्टर कुमार ने कहा - यह जान कर अच्छा लगा की आपको अपने काम की अच्छी समझ है।
जैसा आपने कहा है उसके अनुसार आपका काम प्रोडक्ट को कैसे बेहतर बनाया जाये और उसके निर्माण के दौरान की खामियों को दूर करने से जुड़ा है।
मुकेश ने हाँ में सर हिलाया। इसके बाद मिस्टर कुमार ने पूछा - जब प्रोडक्ट को लेकर इतनी बड़ी जिम्मेदारी कंपनी ने आपको दी है तब आप अपने काम को महत्वहीन क्यों समझते हैं।
एक आम धारणा है कि जो लोग प्रोडक्ट के निर्माण से सीधे जुड़े हैं वही मेनस्ट्रीम में काम करते हैं। लेकिन हर काम मेनस्ट्रीम का होता है। अगर ऐसा नहीं...
बिल्ली ने सिखा दिया गुरु से प्राप्त ज्ञान को अपने अनुभव की कसौटी पर कसकर जीवन में उतार लेना।
एक संत ने बिल्ली पाल रखी थी। संत जब प्रतिदिन सायंकाल में जब संत सत्संग करने बैठते तो बिल्ली को अपने पास बैठाकर उसके सिर पर दीपक रख देते थे, ताकिअंधकार दूर हो। इस बहाने वे बिल्ली के संयम से भी सभी सत्संगियों को परिचित कराते थे। यह दृश्य देखकर सत्संगियों को बड़ा आश्चर्य होता था। एक दिन एक सत्संगी ने बिल्ली की हकीकत पता लगाने की एक युक्ति सोची। वह कहीं से एक चूहा पकड़ लाया और उसे चादर में छुपाकर सत्संग करने बैठ गया। जब संत ने कथा-प्रवचन प्रारंभ किए तो सत्संगी ने बिल्ली के सामने वह चूहा छोड़ दिया। बिल्ली ने जैसे ही चूहा देखा, वह अपने मूल स्वभाव में लौट आई और चूहे पर झपट पड़ी। दीपक जमीन पर गिर गया और सत्संग स्थल पर अंधेरा छा गया।
यह कहानी शिक्षा देती है कि हम सभी इस कहानी की बिल्ली की तरह हैं। जब तक संत महात्माओं के सान्निध्य में रहते हैं, कथा सुनते हैं तब तक ज्ञान की बातें बढ़-चढ़कर करते हैं। हम तभी तक सत्संगी रहते हैं जब तक किहमारी इच्छित वस्तु हमारे सामने ना आ जाए। जैसे ही कोई इच्छित पदार्थ हमारे सामने आता है या जैसे ही हम सांसारिक व्यवहार करने लगते हैं वैसे ही सत्संग और ज्ञान की बात गायब हो जाती है और हम ज्ञान रूपी दीपक को गिराकर पुन: अज्ञान के अंधकार में खो जाते हैं।
किसी भी व्यक्ति को ज्ञान की प्राप्ति हो जाना बड़ी बात नहीं है। बड़ी बात है, उस प्राप्त ज्ञान को अपने अनुभव की कसौटी पर कसकर जीवन में उतार लेना।
पत्थर, कंकड़ और रेत से सीखें ज़िन्दगी जीना
सोनू बिंद्रा नाम के एक Philosophy professor ने कुछ चीजों के साथ class में प्रवेश किया. जब class शुरू हुई तो उन्होंने एक बड़ा सा खाली शीशे का जार लिया और उसमे पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़े भरने लगे. फिर उन्होंने students से पूछा कि क्या जार भर गया है ? और सभी ने कहा “हाँ”.
तब प्रोफ़ेसर ने छोटे-छोटे कंकडों से भरा एक box लिया और उन्हें जार में भरने लगे. जार को थोडा हिलाने पर ये कंकड़ पत्थरों के बीच settle हो गए. एक बार फिर उन्होंने छात्रों से पूछा कि क्या जार भर गया है? और सभी ने हाँ में उत्तर दिया.
तभी professor ने एक sand box निकाला और उसमे भरी रेत को जार में डालने लगे. रेत ने बची-खुची जगह भी भर दी. और एक बार फिर उन्होंने पूछा कि क्या जार भर गया है? और सभी ने एक साथ उत्तर दिया , ” हाँ”
फिर professor ने समझाना शुरू किया, ” मैं चाहता हूँ कि आप इस बात को समझें कि ये जार आपकी life को represent करता है. बड़े-बड़े पत्थर आपके जीवन की ज़रूरी चीजें हैं- आपकी family,आपका partner,आपकी health, आपके बच्चे – ऐसी चीजें कि अगर आपकी बाकी सारी चीजें खो भी जाएँ और सिर्फ ये रहे तो भी आपकी ज़िन्दगी पूर्ण रहेगी.
ये कंकड़ कुछ अन्य चीजें हैं जो matter करती हैं- जैसे कि आपकी job, आपका घर, इत्यादि.
और ये रेत बाकी सभी छोटी-मोटी चीजों को दर्शाती है.
अगर आप जार को पहले रेत से भर देंगे तो कंकडों और पत्थरों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी. यही आपकी life के साथ होता है. अगर आप अपनी सारा समय और उर्जा छोटी-छोटी चीजों में लगा देंगे तो आपके पास कभी उन चीजों के लिए time नहीं होगा जो आपके लिए important हैं. उन चीजों पर ध्यान दीजिये जो आपकी happiness के लिए ज़रूरी हैं.बच्चों के साथ...
नौकरी से परेशान, महंगाई से परेशान! क्या आप व्यापार करना चाहते है?
तो जाने पहले ये बातें.....
राम शर्मा,
दोस्त बिज़नेस करना उतना आसान भी नहीं है जितना सुनने में लगता है. सफ़ल बिज़नेस के लिये इंसान को बहुत सी चीज़ें अपनानी और त्यागनी पड़ती है. तब जाकर कहीं आप एक सफ़ल व्यापारी बन पाते हैं. फिर भी महंगाई के इस दौर में एक सीमित आय के साथ गुजारा करना बेहद मुश्किल है. इसलिये ज़्यादा से ज़्यादा लोग नौकरी छोड़ अपना व्यापार करना चाहते हैं. हालाँकि,
व्यापार शुरू करने के लिये सबसे पहले आपको ये तय करना होता है कि आप किस चीज़ का बिज़नेस का करना चाहते हैं. उस व्यापार का वर्तमान और भविष्य क्या है. क्या आप जो व्यापार करने जा रहे हैं उसमें मुनाफ़ा है? या फिर कहीं वो कुछ समय वो काम ठप्प तो नहीं हो जायेगा. फ़ायदे और नुकसान का सोच कर ही किसी व्यापार में हाथ डालें.
इसके अलावा आप जानकारों से भी बिज़नेस करने की सलाह ले सकते हैं. जब आपका दिल और दिमाग़ पूरी तरह व्यापार के लिये तैयार हो जाये, तो फिर काम शुरू करने की सोच सकते हैं. व्यापार शुरू जितना कठिन है, उससे कई ज़्यादा कठिन है उसे आगे बढ़ाना. एक छोटी सी दुकान को बड़े व्यापार में तब्दील करने का हुनर भी सबके पास नहीं होता है. व्यापार को बढ़ाने के लिये सबसे पहले आपको अपनी दिनचर्या सेट करनी होगी. अगर एक बार आपने दिनभर का शेड्यूल फ़िक्स कर लिया, उसके बाद आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता.
आइये जानते हैं कि व्यापार को आगे ले जाने के लिये कैसी होनी चाहिये आपकी दिनचर्या
1. सुबह जल्दी उठना
बड़े बुज़ुर्ग कह गये हैं कि सुबह जल्दी उठने से आपकी हेल्थ और वेल्थ दोनों अच्छी रहती है. बड़े-बड़े व्यापारी सुबह जल्दी उठ कर अपने दिन की शुरूआत करते हैं. सुबह जल्दी उठने का सबसे बड़ा फ़ायदा ये है कि आप हर काम टाइम पर शुरू...
शून्य विचार स्थिति क्या है?
शून्य विचार स्थिति क्या है?
Shunya Vichar Sthiti Kya Hai in Hindi
आपके मन में बहुत सारे विचारों का आना जाना लगा ही रहता है, ऐसी परिस्थिति में हमारा मन विचलित रहता है और हमें परेशान करने की कोशिश करता है।
शून्य विचार स्थिति एक प्रकार का ऐसा स्थिति है कि जिसके माध्यम से मन में आने वाले विभिन्न प्रकार के विचारों पर मनन-चितंन करने की जरूरत नहीं होती हैै, जिससे आपका मन कई प्रकार के उलझनों से बच जाता है।
शून्य विचार स्थिति के माध्यम से आप कई प्रकार की चिंताओं से दूर हो जाते हैं और अपने आप को सुकून भरी जिंदगी का आनंद उठाने के लिए तत्पर रहते हैं।
शून्य विचार स्थिति को उत्पन्न करने के लिए आप को शांति माहौल में रहकर नियमित रूप से अभ्यास करने की जरूरत होता है।
निष्कर्ष :-
जब भी हमें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़े, तो आप शून्य विचार स्थिति को अपनाकर अपने मन को नियंत्रित कर सकते हैं और अपने जीवन को खुशहाल बनाने की कोशिश भी कर सकते हैं
छोटे छोटे कदम बढ़ाते जाओ और आगे बढ़ते जाओ
अक्षय कुमार नाम का एक लड़का था, उसको दौड़ने का बहुत शौक था, वह कई मैराथन में हिस्सा ले चुका था, परंतु वह किसी भी race को पूरा नही करता था, एक दिन उसने ठान लिया कि चाहे कुछ भी हो जाये वह race पूरी जरूर करेगा, अब रेस शुरू हुई अक्षय कुमारने भी दौड़ना शुरू किया धीरे 2 सारे धावक आगे निकल रहे थे मगर अब अक्षय कुमार थक गया था, वह रुक गया, फिर उसने खुद से बोला अगर मैं दौड़ नही सकता तो कम से कम चल तो सकता हूं, उसने ऐसा ही किया वह धीरे 2 चलने लगा मगर वह आगे जरूर बढ़ रहा था अब वह बहुत ज्यादा थक गया था और नीचे गिर पड़ा, उसने खुद को बोला की वह कैसे भी करके आज दौड़ को पूरी जरूर करेगा
वह जिद करके वापस उठा
लड़खड़ाते हुए आगे बढ़ने लगा और अंततः वह रेस पूरी कर गया माना कि वह रेस हार चुका था, लेकिन आज उसका विश्वास चरम पर था क्योंकि आज से पहले race को कभी पूरा ही नही कर पाया था वह जमीन पर पड़ा हुआ था क्योंकि उसके पैरों की मांसपेशियों में बहुत खिंचाव हो चुका था, लेकिन आज वह बहुत खुश था क्योंकि आज वह हार कर भी जीता था
अगर आपको भी ये motivational story अच्छी लगी हो तो comment के माध्यम से हमे जरूर बताएं,
अगर आप और भी motivational story को पढ़ना चाहते हो तो आप बिलकुल सही जगह हो यहां पर आपको काफी सारी motivational stories का संग्रह मिलेगा
मोटिवेशन या प्रेरणा लेना इसी तरह जरूरी है जैसे गाड़ी के लिए पेट्रोल!
किसी भी सफल व्यक्ति के जीवन की गहरी पड़ताल करने पर हमें मालूम होता है कि उसने यह सफलता किसी न किसी अन्य सफल व्यक्ति से प्रेरणा लेकर ही हासिल की है।
आप मोटिवेशन के बिना जीवन में सफलता के मार्ग पर बहुत ज्यादा देर तक टिक नहीं सकते और अपनी मंजिल से करीब पहुंचकर कहीं इधर उधर भटक जाते हैं। वैसे तो सफलता के लिए कोई एक खास कारण नहीं होता बल्कि इसके अनेकों कारण गिनाए जाते हैं, लेकिन इनमें से एक मोटिवेशन भी शुमार किया जाता है।
क्योंकि बिना प्रेरणा लिए अपने जीवन में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहना खासा मुश्किल हो जाता है। अगर आप अपने जीवन में बिना कोई लक्ष्य निर्धारित किए आगे बढ़ रहे हैं तो आपकी जिन्दगी बेमतलब सी लग सकती है लेकिन अगर आपने उसी समय सोच विचार कर जीवन का एक मकसद चुन लिया और उस पर गतिशील होकर तेज कदमों के साथ चलने लगें तो सफल व्यक्तियों के अनुभव के अनुसार आप अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं और आपको बीच रास्ते की कठिनाइयां काफी हद तक आसान नज़र आने लगेंगी।
आइए! जानते हैं कि किस तरह अपने जीवन में मोटीवेशन के जरिए आप खुद को हर्षोल्लास और उमंग से भर सकते हैं:
प्रेरणा लेकर बनते हैं बिगड़े काम
जिंदगी में जब हम किसी सफल व्यक्ति से प्रेरणा लेते हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि हम उसकी कार्यशैली और विशेषताओं से हृदय तल से प्रभावित हैं और उसी के समान बनने की अपने दिल में चाहत भी रखते हैं।
प्रेरणा लेने के तरीकों पर गौर करना सबसे जरूरी होता है क्योंकि मोटिवेशन से हमें अपने व्यवहार को बदलने, अपनी महारत को बढ़ाने, रचनात्मक बनने, लक्ष्य को निर्धारित करने अपनी दिलचस्पी को बढ़ाने और योजना बनाने के साथ अपनी प्रतिभा को विकसित करने में मदद मिलती है।
प्रेरणा लेने से बिगड़े काम भी संवर जाते...
जीत के लिए संघर्ष जरुरी है
जीवन में कामयाबी को हासिल करने के लिए संघर्ष करना जरुरी होता है संघर्ष से ही हम अपने जीवन में कुछ पा सकते है क्योकि जीवन का दूसरा नाम ही संघर्ष होता है। इस संसार में चाहे मनुष्य हो या फिर छोटे से लेकर इस दुनिया का सबसे बड़ा प्राणी हो सबके जीवन में संघर्ष होता है। किसी के जीवन में अगर कठिनाई और समस्या आती है तो इसका मतलब है की वो सफलता की तरफ बढ़ रहा होता है क्योकि जीवन में बार–बार हार के भी हिम्मत रखना और कठिनाई को पीछे छोड़कर अपने लक्ष्य की तरफ कदम बढ़ाना ही संघर्ष होता है।
जीवन में संघर्ष का सामना तो हर इंसान को करना ही पड़ता है क्योकि संघर्ष ही जीवन होता है इस दुनिया में जिस ने भी सफलता को पाया है वो सफलता उसके संघर्षो ने ही उसको दिलाई है।
जीत के लिए संघर्ष जरुरी है।
किसी इंसान को अगर जीवन में सफलता को पाना है तो उसके लिए संघर्ष उतना ही जरुरी होता यही जितना की हमको जीवित रहने के लिए हवा की जरुरत होती है, संघर्ष किये बिना कोई भी कुछ भी नहीं पा सकता है क्योकि ये जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है मेहनत करके ही एक इंसान अपनी मज़िल को पा सकता है।
- जीवन में संघर्ष का कोई विकल्प नहीं होता है कुछ field ऐसे होते है जिनमे की थोड़ी कम मेहनत करनी पड़ती है और किसी में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।किसी भी field में सफलता को पाना कठिन कार्य होता है लेकिन जीवन जीने के लिए संघर्ष सबसे मुश्किल कार्य होता है क्योकि संघर्ष ही हमारा चरित्र बनाता है की आप क्या कर सकते हो।- कोई इंसान अगर एक काम पर पूरी तरह से focus रहता है तो शुरुआत में असफल हो सकता है लेकिन अगर उसका संघर्ष और focus सही जगह पर...
परिंदों को मंज़िल मिलेगी….
परिंदों को मंज़िल मिलेगी यक़ीनन,ये फैले हुए उनके पंख बोलते हैं,वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर,जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं।
सेंट से कपड़ों में खुशबू आना ….
सेंट से कपड़ों में खुशबू आना कोई बड़ी बात नहीं है मजा तो तब है जब आपके चरित्र से महक आए
लौट आए हैं मैदान में…
लौट आए हैं मैदान मेंउमंग और उत्साह के साथ
आओ मिलकर शुरू करेंनया इतिहास लिखना
महान व्यक्ति अवसरों की कमी के बारे में शिकायत नहीं करता बल्कि मिलें अवसर को सफलता में बदलकर चैम्पियन बन जाता है।
A great man does not complain about the lack of opportunities, but turns the opportunity into success and becomes a champion.



























